Water footprint – वॉटर फुटप्रिंट

पानी ( वॉटर फुटप्रिंट  water footprint ) की कमी, कभी सुखा, हमारे सामने आने वाले असली सवाल है।

जल के कारण तीसरे विश्व महायुद्ध की भविष्यवाणी हमारे लिए चिंता का विषय है।

जल कि कमी दुनिया के सभी देशों को प्रभावित कर रही हैं। इसके शिकार ज्यादातर गरीब और विकासशील दोनों देश है।

पीछे मुख्य कारण कम बारिश के साथ पानी का बढ़ता उपयोग है। बढ़ता हुआ पानी पानी का उपयोग वॉटर फुटप्रिंट water footprint प्रभावित करता है।

नियोजन की कमी से यह प्रश्न और गंभीर होता जा रहा है।

पानी की कमी को दूर करने के लिए कई water footprint का अध्ययन जरुरी  हैं।

उस में प्रमुख रूप से वॉटर फुटप्रिंट के बारे में आज हम और थोड़ा जानने की कोशिश करेंगे ।

वॉटर फुटप्रिंट का मतलब है मनुष्य द्वारा उपयोग किया हुआ अथवा प्रदूषित किये हुए पानी का घनत्व नापना।

जो वस्तु हम इस्तेमाल करते हैं, खरीदते हैं या बेचते हैं, विभिन्न सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन सभी चीजों के उत्पाद में पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

वॉटर फुटप्रिंट water footprint एक ऐसी इकाई है।

जिसका उपयोग किसी उत्पाद या सेवा के उत्पादन के लिए उपयुक्त पानी की मात्रा को नापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

गणना माल के उत्पाद के लिए, कारखानों में उत्पादन के लिए या कार में इंधन के लिए।

या फिर बहुराष्ट्रीय कंपनियों में बनाए गए विभिन्न उत्पादन के लिए की जाती है।

वाटर फुटप्रिंट टन, प्रति हेक्टर, प्रति घन मीटर की इकाइयों में नापा जाता है। वाटर फुटप्रिंट का उद्देश्य यह समझना है। कि उपलब्ध स्वच्छ पानी का इस्तेमाल कैसे किया जाता है।

water footprint पीछे का उद्देश उन परिणामों को समझना है।

जल पीड़ित क्षेत्रों में वाटर फुटप्रिंट वाले उत्पादों या सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

एक कप कॉफी यानी कि 125ml उत्पादन करने के लिए लगभग 140 लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

काफी के बीज बोना यहां से पूरी प्रक्रिया होकर ग्राहक तक पहुंचने के लिए आवश्यक सभी पानी शामिल है।

water footprint वॉटर फुटप्रिंट

https://www.watertechonline.com

वॉटर फुटप्रिंट के प्रकार

१) ग्रीन water footprint  –

संबंध कृषी सिंचन से है । जिसमें वर्षा का पानी जो पौधों या फसलों के मूल क्षेत्र में संग्रहित किया जाता है।

फसलें द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

२) ब्लू water footprint –

जलाशय में संग्रहित पानी या भुजल शामिल है।

यह मुख्य रूप से कृषि सिंचाई उद्योग घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

३) ग्रे water footprint –

दूषित पानी को उपयोग में लाने के लिए जो साफ पानी का इस्तेमाल होता है।

उस का समावेश ग्रे water footprint में होता है।

वॉटर फुटप्रिंट वीडियो देखने के लिए

Facebook Comments
error: Content is protected !!