जैव उर्वरक के प्रकार

 

जैव उर्वरक ( Types of bio fertilizers ) एक प्रकार के जीव होते हैं जो मृदा की पोषण गुणवत्ता को बढ़ाते हैं। यह जीवाणु कवक 

तथा सायनोबैक्टीरिया के मुख्य स्त्रोत होते हैं।

मित्र कवक पादपो के साथ सहजीवी संबंध स्थापित करते हैं। ग्लोमस जिनस के बहुत से सदस्य माइक्रोराइजा बनाते हैं।

सहजीवन में कवकीय सहजीवी मृदा से फास्फोरस का अवशोषण कर उसे पादपों में भेज देते हैं।

साइनोबैक्टीरिया स्वपोषीत जिव है जो जलीय तथा स्थलीय वायुमंडल में विस्तृत रूप से पाए जाते हैं।

फसलों में जैव उर्वरकों types of bio fertilizers का इस्तेमाल करने से वायुमंडल में उपस्थित नाइट्रोजन पौधों को सुगमता से उपलब्ध होती है।

तथा भूमि में पहले से मौजूद घुलनशील फास्फोरस आदि पोषक तत्व घुलनशील अवस्था में परिवर्तित होकर पौधों को आसानी से उपलब्ध होते हैं।

वास्तव में जैव उर्वरक  types of bio fertilizers विशेष एवं किसी नमी धारक पदार्थ के मिश्रण है।

विशेष सूक्ष्म जीव की निर्धारित मात्रा को किसी नमी धारक धुलिय पदार्थ चारकोल लिग्नाइट आदि में मिलाकर उर्वरक तैयार किए जाते हैं।

जैव उर्वरक types of bio fertilizers

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जैव उर्वरक के प्रकार types of biofertilizers
1) एक्टिनोराइजा actinorhiza

एक्टीनोमाइसीट्स समूह के जीवाणु जो अदलहनी वृक्षों की जड़ों में गांठे बनाकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं उन्हें एक्टिनर्व राजा कहलाते हैं।

फ्रैंकिया इसका बहुत types of bio fertilizers अच्छा उदाहरण है।

2) फास्फेट घुलनशील सूक्ष्मजीव 

यह उन सूक्ष्म जिवों का समूह है जो कि मृदा में उपस्थित घुलनशील फास्फेट में परिवर्तित कर जैव उर्वरक की कार्य क्षमता को बढ़ाता है।

फास्पेट को घुलनशील बनाने वाले जीवाणू  का कल्चर बाजार में पीएसबी कल्चर के नाम से मिल जाता है।

पीएसबी जैव उर्वरक types of bio fertilizers के प्रयोग से फास्फोरस तत्व को पौधे आसानी से ग्रहण कर लेते हैं।

यह एक अनिवार्य एरोबिक जैविक रूप से नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला सूक्ष्म जीवाणु है।

जो अपने मेटाबोलिक गतिविधियों के द्वारा अम्ल का स्राव करता है।

3) एजोस्पिरिलम azospirillum

यह जैव उर्वरक भी नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला एक शख्स में जवानों है जो गैर दलहनी पौधों के लिए लाभकारी होता है।

4) एजोटोबेक्टर acetobacter

एजोटोबेक्टर अति सूक्ष्म हिटेरोट्रेफिक जीवाणु है। यह स्वतंत्र रूप से रहने वाला सूक्ष्मा जीव है।

जो बिना किसी सहजीवन के नाइट्रोजन का मुक्त रूप से जैविक स्तिरीकरण करता है।

5) नील हरित शैवाल 

नील हरित शैवाल साइनोबैक्टीरिया एक जीवाणु होता है जो प्रकाश संश्लेषण से ऊर्जा उत्पादन करते हैं।

साइनोबैक्टीरिया विटामिन १२ए ऑक्सीन और एस्कोरबिक अम्ल स्रावित करते हैं जो धान के पौधों की वृद्धि में सहायक होते हैं।

6) एजोला 

सामान्यतः एजोला धान के खेत या उथले पानी में उगाई जाती है।

एजोला की पंखुड़ियों में एना बिना नामक नील हरित का के जाति types of bio fertilizers का एक सूक्ष्म जीव होता है जो सूर्य के प्रकाश में वायुमंडलीय नाइट्रोजन का योगिकिकरण करता है।

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