प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

फसल बीमा (agriculture insurance) भारत में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (pradhanmantri fasal bima yojana – PMFBY) के रूप में जाना जाता है। फसल बीमा का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले हानी से बचाना तथा राहत दिलाना हैं।

सूखा, बाढ़, हिमवर्षा आदि प्राकृतिक आपदा से फसल का भारी नुकसान होता हैं। कभी कबार आग जंगली जानवर भी फसलों का नुकसान करते हैं।

  • फसल बीमा की सबसे पहले शुरुआत अमेरिका में 1938 में रिस्क मैनेजमेंट एजेंसी द्वारा फेडरल क्रॉप इंश्योरेंस एक्ट 1938 के अनुसार हुई। एक्ट के तहत 100 से भी अधिक फसलों का बीमा सुरक्षित (agriculture insurance) किया गया।
  • 1939 में कनाडा सरकार ने प्रायरी फार्म असिस्टेंट एक्ट ( prairie farm assistant act 1939 ) द्वारा किसानों को फसल बीमा  उपलब्ध कराया गया।
  • 1959 में इसका संशोधित संस्करण उपलब्ध कराया गया और इसका नाम बदलकर क्रॉप इंश्योरेंस एक्ट (crop insurance) 1959 किया गया।

भारत में 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी द्वारा देश में पहली फसल बीमा योजना लागू की गई।

एनडीए सरकार ने 1999 में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना RKBY (national agriculture insurance scheme – NAIS) शुरुआत की।

राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में सिर्फ प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान का ही समावेश था। फसल बीमा का आधुनिक संस्करण था। सभी फसलों का इसमें समावेश किया गया।

राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में छोटे-बड़े सभी किसान कैसा हिस्सा ले सकते हैं। साथ में ही कर्जदार और बगैर कर्जदार दोनों प्रकार के किसान सहभाग ले सकते थे।

बीमा दर अलग-अलग फसलों के लिए 1.50 से 3.50 टक्का था। छोटे और सीमांत किसानों को बीमा दर में 50 % राशि सब्सिडी के तौर पर उपलब्ध कराई जाती थी।

राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना की कार्यान्वयन संस्था भारत कृषि बीमा कंपनी  agriculture insurance company of India है।  AICA स्थापना 20 दिसंबर 2002 में की गई।

AICI की प्रमोटर कंपनियां

  • जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 35% ,
  • नाबार्ड 30% ,
    और सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत चार बीमा कंपनियां
  • नेशनलइंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस  इन सबने मिलकर AICI की स्थापना की।

AICI में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की हर एक की हिस्सेदारी 8.75% हैं।

AICI यह कंपनी कृषि विभाग भारत सरकार के पर्यवेक्षण में और बीमा नियामक IRDA अनुसार काम करती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना pradhanmantri fasal bima yojana

केंद्रीय कैबिनेट ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दे दी।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राष्ट्रीय कृषी विमा योजना और संशोधित कृषि बिमा योजना कि की जगह ले ली।

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Source vikaspedia.in

PMFBY का उद्देश्य

  • प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को बीमा कवरेज तथा वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • किसानोंकी सतत प्रक्रिया सुनिश्चित करना तथा उनकी आई को स्थायित्व प्रदान करना।
  • किसानोंको आधुनिक तकनीक अपनाने में प्रोत्साहित करना।
  • बैंकोंसे दिया जाने वाला किसानों को  ॠण का प्रवाह सतत रखना।

PMFBY मैं कौन शामिल हो सकता है

  • फसल बीमा योजना में वित्तीय संस्था द्वारा ऋण लेने वाले सभी किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य है।
  • गैरऋणी किसानों के लिए यह योजना स्वैच्छिक होगी।
  • अनुसूचितजाति अनुसूचित जमाती तथा महिला किसान इस योजना में ज्यादातर शामिल हो इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

PMFBY जोखिम

  • प्रतिकूल मौसमी परिस्थिति के कारण अगर किसान बुवाई , रोपण नहीं कर सकता है तो
  • बुवाईसे कटाई तक सूखा बाढ़ भूस्खलन कीट एवं रोग  अकाल बवंडर बिजली करना आग लगना आंधी तूफान आदी करने के लिए जोखिम प्रदान की जाती है।
  • फसलकटाई के बाद चक्रवाती बरसात बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान को भी जोखिम इस योजना के तहत प्रदान की गई है। फसल कटाई के बाद यदि नुकसान होता है तो 14 दिन के भीतर आपको इसकी सूचना कंपनी को देनी होगी।
  • तनिकआपदा जैसे मूसलाधार बारिश, नदी को बाढ़ आना आदि कानों से होने वाली फसलों कि नुकसान को भी जोखिम में लाया गया है।

बीमा योजना की आधारभूत इकाई

क्षेत्र दृष्टिकोण आधार पर यह योजना लागू की जाएगी। सामान्य तौर पर उसे अधिसूचित क्षेत्र कहां जाएगा। अधिसूचित क्षेत्र में एक फसल के उत्पादन में आने वाले लागत सामान्य तौर पर समान हो तथा प्रति हेक्टेयर उत्पादन समान माना जाएगा।

परिभाषित जोखिम के कारण स्थानीय आपदाओं और पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान के जोखिम के लिए, नुकसान के आकलन के लिए बीमा की इकाई प्रभावित व्यक्तिगत किसान का बीमाकृत क्षेत्र होगा।


खेती के प्रकार

भारत का रोटावेटर


PMFBY प्रीमियम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि बहुत कम कर दी गई है।

कम प्रीमियम राशि होने के कारण किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तरफ ज्यादा आकृष्ट हो गए हैं। शेष प्रीमियम का भुगतान राज्य और केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।

खरीफ फसल2%
रबी फसल1.5%
बागवानी फसल5%

PMFBY क्लेम कैसे मिलता है

 

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