नैनो यूरिया ( nano urea )

नैनो टेक्नोलॉजी से बनाए गए नैनो यूरिया ( nano urea IFFCO इसे nano nitrogen भी कहा जाता है) पारंपारिक यूरिया की खपत लगभग 50 प्रतिशत कम होगी।

IFFCO fertilizer ने यह इको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स भारत में पहली बार किसानों को उपलब्ध कराया है।

IFFCO fertilizer के अनुसार नैनो टेक्नोलॉजी से बनाया गया यह नैनो यूरिया nano urea ना सिर्फ 50% लागत घटेगा बल्कि 25 से 30% उत्पादन भी बढ़ाएगा।

मतलब किसानों खरीदने का खर्च कम होगा साथ में मजदूरी का खर्च भी कम होगा और बदले में उत्पादन भी बढ़ेगा।

नैनो यूरिया के बारे में अधिक जानकारी लेने से पहले हमें अति सूक्ष्म तकनीक मतलब नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से जानना होगा।

अमेरिकी कृषि संशोधन संस्था Department of Agriculture’s Natural Resource Conservation Service (NCRS) के अनुसार यूरिया खाद का 40% हिस्सा व्यय होता है।

मतलब फसल सिर्फ 60% यूरिया ही अवशोषित कर लेते हैं। ‌ 40% व्यय यूरिया से 18% ग्रीन हाउस गैसेस में परिवर्तित हो जाते हैं।

ग्रीनहाउस गैसेस की वजह से ग्लोबल वार्मिंग का खतरा सारे मानवता पर मंडरा रहा है। नैनो फर्टिलाइजर की उपयोग से ग्रीनहाउस गैसेस का उत्सर्जन काफी मात्रा में कम किया जा सकता है।

नैनो टेक्नोलॉजी

नैनो टेक्नोलॉजी अणुओं व परमाणुओं की इंजीनियरिंग है, जो भौतिकी, रसायन, बायो इन्फॉर्मेटिक्स व बायो टेक्नोलॉजी जैसे विषयों को आपस में जोड़ती है। संदर्भ विकिपीडिया

नैनो का अर्थ होता है 1 मीटर का 1000000000 वा भाग। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की नैनोपार्टिकल्स कितने ग्रुप में होते हैं। 

खेती में नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग

नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से खेती में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे।

जैसे कि फसलों की खादो की अवशोषित करने की क्षमता बढ़ाना। कीट एवं रोगों का पता लगाना तथा उनका नियंत्रण रोकथाम करना।

खेती करने के लिए जो आदान input के लिए प्रदान किए जाते हैं उनका सही तथा कार्य कुशल से उपयोग  होना।

फसलों की संस्करण तथा भंडारण क्षमता अधिक से विकसित करना ।

टेक्नोलॉजी का उपयोग करके बनाए गए प्रोडक्ट से किटकनाशक ओ तथा रासायनिक खादों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

इसके उपयोग से खेतों में पेस्टिसाइड और फ़र्टिलाइज़र से उपयोग से होने वाले प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से खेती क्षेत्र में प्रतिकूल परिस्थितियों कम  करना, खाद्य सुरक्षा और उत्पादकता में सुधार लाना संभव हो सकता है।

बढ़ती हुई वैश्विक आबादी को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना तथा आर्थिक व सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए खेती क्षेत्र में नैनो टेक्नोलॉजी का स्वीकार करना भविष्य में अनिवार्य होगा।

Nano urea IFFCO

Source https://www.frontiersin.org/

nanotechnology in agriculture

उत्पादकता बढ़ाना

खेती में नैनो पेस्टिसाइड और नैनो फर्टिलाइजर का उपयोग करके उत्पादकता बढ़ाने में आसानी होगी।

नैनो टेक्नोलॉजीी से बनाए गए फ़र्टिलाइज़र अच्छी तरह से अवशोषित कर लेते हैं।

मिट्टी की गुणवत्ता

हाइड्रोजेल जैसे नैनो टेक्नोलॉजी द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करके मिट्टी की गुणवत्ता बरकरार रखी जा सकती है।

हाइड्रोजेल मिट्टी में मिलाने के बाद पानी को अपने अंदर संग्रहित कर लेता है। पानी संग्रहण की क्षमता अपने आकारमान की तुलना में 300 गुना ज्यादा होती है।

पौधों का विकास

कार्बन नैनोट्यूब जैसे तकनीक से पौधों के विकास में गति होगी। इससे उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ में फसल की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी मिलेगी।

स्मार्ट निगरानी

IoT – things of internet मैं नैनो संसार का इस्तेमाल करके पौधों को स्मार्ट निगरानी में रखा जा सकता है। नैनो सेंसर की मदद से पौधों पर आने वाले कीट एवं रोग का वक्त पर पता चलेगा। 


अन्न सुरक्षा के लिए प्रेसीजन फार्मिंग


 

Nano fertilizer IFFCO

भारत के किसानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी फर्टिलाइजर उत्पादक कंपनी IFFCO ने नैनो टेक्नोलॉजी के आधार पर बनाए गए नैनो फर्टिलाइजर  उपलब्ध कराए हैं।

यह सभी नैनोफर्टिलाइजर्स इफको के संशोधन यूनिट nano biotechnology research centre -NBRC केंद्र में संशोधित तथा विकसित किए गए हैं।

Nano nitrogen नैनो नाइट्रोजन

nano urea IFFCO

Nano nitrogen कि पारंपरिक यूरिया खाद की तुलना में 50 फ़ीसदी कम मात्रा में जरूरत होगी। एक हेक्टर फसल के लिए 4 से 5 किलो नैनो नाइट्रोजन फ़र्टिलाइज़र की जरूरत होगी।

नैनो यूरिया के उपयोग में लाने की विधि फसल के पत्तों पर छिड़काव करना द्वारा होती है। 

1 लीटर पानी के लिए नैनो यूरिया की मात्रा सिर्फ 1.5 से 2 ग्राम तक है।

nano zinc

पारंपारिक जिंक फ़र्टिलाइज़र के बदले में नैनो जिंक विकसित किया गया है। एक हेक्टर क्षेत्र के लिए नैनो जिंक की सिर्फ 10 ग्राम आवश्यकता होगी।

nano copper

नैनो कॉपर फसल को न्यूट्रीशन सप्लाई करने के साथ सुरक्षा भी प्रदान करता है। साथ में फसल की इम्युनिटी पावर बढ़ाने में भी मदद करता है।

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Nano urea IFFCO, nano fertilizers IFFCO, nano nitrogen

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