किसानों की बिजली स्वाधीनता|koonbeek.com

भारत सरकार के ‘नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय’ (ministry of new and renewable energy – mnre) किसानों को ऊर्जा स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान ( kusum scheme) घोषित की है।

पंतप्रधान मोदी जी ने सन 2022 तक किसानों का इनकम डबल करने के लिए बहुत सी योजनाएं लागू की है।  प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान उन्हीं योजना में से एक है।

इस योजना से ग्रामीण भूमि मालिकों को अपनी शुष्क/अकृषि योग्य भूमि का उपयोग करके 25 वर्षकी अवधि के लिए आय का एक स्थिर और सतत स्रोत खुलेगा ।

इसके अलावा, यदि सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए खेती वाले खेतों को चुना जाता है, तो किसान फसलों को उगाते रह सकते हैं क्योंकि सौर पैनलों को न्यूनतम ऊंचाई से ऊपर स्थापित किया जाना है ।

kusum scheme

सन 2022 तक अपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत जैसे कि सौर ऊर्जा की क्षमता 25750 हासिल करना है। Kusum scheme प्रमुख रूप से बिजली से जूझ रहे इलाकों में विशेष रुप से फायदेमंद होगी।

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केंद्र सरकार की मनीषा है कि सन 2022 तक कुसुम योजना में 1750000 सौर पंप स्थापित किए जाएंगे।

कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के केवल सिंचाई पंप ही शामिल किए जाएंगे जो वर्तमान में डीजल से चल रहे हैं।

Kusum yojna से किसानों का फायदा

कुसुम योजना मैं किसान अपने खेतों में सौर पैनल लगाकर खेती की सिंचाई कर सकते हैं। साथ में बची हुई बिजली सरकार को बेचकर अच्छा खासा इनकम भी कर सकते हैं।

किसान कुसुम योजना के तहत अपने बंजर भूमि तथा जो भूमि उपयोग में नहीं आती ऐसे जमीन में सौर पैनल लगाकर अगले 25 साल तक उससे इनकम ले सकते हैं।

एक बार अपने खेतों में सौर पैनल लगाकर किसान हर साल स्थिरता से अपनी आमदनी चालू रख सकता है।


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कुसुम योजना का प्रारूप

कुसुम योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुल लागत के 10 प्रतिशत निवेश करना होगा। बाकी रकम सरकार द्वारा सब्सिडी और बैंक द्वारा कर्ज के रूप में दी जाएगी।

केंद्र सरकार कुल लागत के 60% अनुदान के रूप में किसानों को देगी। कुल लागत के 20% रकम बैंकों द्वारा किसानों को कर्ज के रूप में दी जाएगी।

कुसुम योजना के घटक

kusum scheme योजना तीन प्रकार के घटक में विस्तारित की गई है। तीनों घटक का विश्लेषण नीचे की तरफ।

घटक ए

विकेंद्रीकृत ग्राउंड माउंटेड ग्रिड कनेक्टेड रिन्यूएबल पावर प्लांट्स के 10,000 मेगावाट व्यक्तिगत संयंत्र आकार के 2 मेगावाट सिमा तक।

घटक बी

7.50 एचपी तक क्षमता के सौर ऊर्जा चलित पंप किसानों के व्यक्तिगत जमीन पर 1750000 पंप स्थापित करना।

घटक सी

7.5 एचपी तक व्यक्तिगत पंप क्षमता के 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरीकरण।

Kusum yojna pdf
Image – https://numerical.co.in

Kusum Yojana

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य नोडल एजेंसी द्वारा इस योजना का। मंत्रालय ने हर राज्य में अपनी नोडल एजेंसी प्राधिकृत की है । नोडल एजेंसी देखने के लिए यहां पर क्लिक करें।

राज्य नोडल एजेंसी इस योजना के लिए हायर अथॉरिटी होगी। आप उनके कार्यालय में जाकर या उनके वेबसाइट से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बजट 2020

2020 21 आर्थिक वर्ष में 2000000 किसानों को कुसुम योजना में लाभ देने की घोषणा अर्थ मंत्री निर्मला सीता नारायण जीने की है। साथ में ग्रिड कनेक्टेड 1500000 किसानों को कुसुम योजना का लाभ दिया जाएगा।

कुसुम योजना महाराष्ट्र

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महाराष्ट्र में नोडल एजेंसी महाराष्ट्र ऊर्जा विकास अभिकरण  हैं। Maharashtra Energy Development Agency -MEDA

MEDA महाराष्ट्र में अटल कृषि सौर पंप योजना और मुख्यमंत्री कृषि सौर पंप योजना  इन दोनों योजना के माध्यम से किसानों को सब्सिडी दे रहा है।

how to apply for kusum scheme

Kusum में शामिल होने के लिए किसानों को state nodal agency राज्य नोडल एजेंसी संपर्क करना होगा। नोडल एजेंसी के वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण भी उपलब्ध है।

राज्य नोडल एजेंसी के के वेबसाइट पर जाकर आधार बैंक डीटेल्स तथा जमीन के डिटेल्स भरकर आप ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

अपने राज्य के नोडल एजेंसी के बारे में जानने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय वेबसाइट पर विजिट करें।

कुसुम योजना से पैसे कमा सकते हैं

किसानों ने अपने खेत में सिंचाई के लिए स्थापित किए हुए इलेक्ट्रिक पंप तथा डीजल पंप दिनभर चलाने की जरूरत नहीं होती। वैसे ही सोलर पंप दिनभर चलाने की जरूरत नहीं होगी।

लेकिन एक बार सोलर पैनल अपने जमीन में स्थापित करने के बाद वह दिन भर काम करता रहता है। चाहे आप सिंचाई पंप चलाएं बंद रखें। सौर पैनल का बिजली बनाने का काम निरंतर चालू रहता है।

यानी कि अपने खेत में आप अतिरिक्त बिजली तैयार कर रहे हैं। वहीं बिजली आप सरकार से राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम से बेच सकते हैं। बिजली संकट से जूझ रहे बाकी किसानों की काम आएगी।

Kusum scheme के माध्यम से हर महीने रु 6000 तक राशि कमा सकता है। और वह भी बंजर भूमि से।

खेत में लगे हुए सौर पैनल से निर्माण की गई अतिरिक्त बिजली एक विशिष्ट ग्रिड बनाकर सरकार किसानों  से खरीद लेगी।

डिजाइन और इलेक्ट्रिक बिल पर होने वाला हमारा खर्चा कम होगा साथ में अच्छा-खासा इनकम भी होगा।

kusum scheme guidelines

कुसुम योजना के बारे में अधिक जानकारी तथा दिशा निर्देश के बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी किए दिशा निर्देश Kusum yojna pdf

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