भारत का रोटावेटर ( rotavator )

रोटावेटर ( rotavator, rotovator ) ट्रैक्टर से चलने वाला एक छोटा सा मशीन है। किसान इसका उपयोग खेतों में बीजों की बुवाई से पहले जमीन की जुताई के लिए करते हैं। लोकप्रिय भारत का रोटावेटर के बारे में आज हम जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

अनाज के लिए अमेरिका रशिया आदि देशों पर निर्भर रहने वाला भारत अब कृषि उत्पाद मैं स्वयं पूर्ण हो गया है।

इतना ही नहीं बल्कि भारत से कृषि उत्पादन का बड़े पैमाने पर निर्यात भी होता है।

कृषि उत्पाद में वृद्धि के लिए तथा स्थिर विकास के लिए खेतों में मशीनरी ( Agricultural machinery ) का उपयोग बहुत जरूरी है।

यंत्रो ( Agricultural machinery ) के उपयोग से कृषि उत्पादन में होने वाली लागत में कमी पाई गई है।

भारत कृषि माल के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है। पिछले 70 सालों से हर साल भारत में कृषि उत्पाद में वृद्धि हुई है।

कृषि उत्पाद वृद्धि में संकरित बीज, रासायनिक खाद के साथ फार्म इक्विपमेंट ट्रैक्टर, रोटावेटर ( Bharat ka rotavator ) कल्टीवेटर की महत्वपूर्ण भूमिका हैं।

कल्टीवेटर का आधुनिक संस्करण ही रोटावेटर है। इसे रोटरी टिलेज rotary tillage के नाम से भी जाना जाता है।

रोटावेटर ( rotavator ) पहली बार किसानों के लिए अमेरिका में एक स्विस कंपनी ने 1930 में उपलब्ध कराया था।

इसकी उपयोगिता देखकर पूरे विश्व भर के किसानों ने इस फार्म इक्विपमेंट farm equipment को अपनाया हैं।

 

कुछ साल पहले  खेतों में बैल और आदि जानवरों का प्रयोग होता था। अब किसान भाई ट्रैक्टर चलित यंत्रों का उपयोग करते हैं।

कृषि उत्पाद के उत्पादन में जुताई tillage की अहम भूमिका होती है।

Tillage के लिए हल ( plough )और रोटावेटर ( Bharat ka rotovator ) का इस्तेमाल किया जाता है। बैल चलित और ट्रैक्टर चलित दोनों भी प्रकार के होते हैं।

रोटावेटर ( rotavator ) का उपयोग 

मुख्य रूप से जमीन की ऊपरी सतह को ढीला करना के उद्देश्य से किया जाता है। 

खेतों में हल चलाने के बाद मिट्टी के छोटे छोटे गड्ढे रह जाते हैं रोटावेटर से उनकी पिसाई करके जमीन बुवाई के लिए तैयार की जाती है।

खेतों में एक फसल की कटाई होने के बाद कुछ अवशेष बचे रहते हैं उन अवशेषों को  rotavator के मदद से जमीन में अच्छी तरह से गाड़ दिया जाता है।

खेत अगले फसल के लिए जल्दी से तैयार हो जाता है।

पिछले सीजन में जमीन कि जो नमी होती है उसका उपयोग अगले हंगाम के फसल को आसानी से किया जा सकता है।

जुताई से मिट्टी को उर्वरक के साथ अच्छी तरह से मिलाया जाता है। साथ में खेतों में उगी हुई खरपतवार को भी निकाला जाता है।

आज भारत में बहुत सी कंपनियां रोटावेटर ( rotavator ) की उत्पादन करती है।

लेकिन इनमें से कुछ कंपनियों के द्वारा बनाए गए रोटावेटर ( rotavator ) ही किसान भाइयों की पसंद पर खरे उतरे हैं।

कुछ लोकप्रिय रोटावेटर की लिस्ट नीचे की तरफ।

  1. जाधव फाल्क Jadhao Falk rotavator

  2. शक्तिमान रोटावेटर shaktiman rotavator

  3. सोनालिका  sonalika rotavator

  4. गोविंद  gobind rotavator

  5. फार्मर  Farmers rotavator

rotavator अनुदान ( agriculture subsidy )

 

भारत सरकार के कृषि विभाग द्वारा कृषि यांत्रिकीकरण उप अभियान (Sub-Mission on Agricultural Mechanization – SMAM ) इस मिशन के तहत कृषि क्षेत्र में यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनुदान मुहैया कराया जाता है।

रोटावेटर के मॉडल अनुसार अनुदान किसानों को दिया जाता है।

अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को राज्य सरकार के कृषि विभाग से संपर्क करना पड़ता है। 

रोटावेटर (rotavator) की प्रिसिजन फार्मिंग ( precision farming ) और अन्य सुरक्षा ( food security in India ) में अहम भूमिका है।

 

हमने किसानों की राय जानने की कोशिश की। अधिकांश किसान भाइयों ने जाधव फाल्क कंपनी द्वारा बनाया गया रोटावेटर प्राथमिकता दी।

जाधव फाल्क रोटावेटर इटली की फाल्क इंस्ट्रूमेंट और भारत की जाधव लेलैंड दोनों कंपनियों के संयुक्त तकनीक से बनाया गया है।

फाल्क मशीन एग्रिकोल 1960 से फार्म इक्विपमेंट ( Farm Equipment ) के उत्पाद में कार्यरत है।

कंपनी द्वारा बनाए गए एग्रीकल्चर इक्विपमेंट्स विश्व भर के 60 से अधिक देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।

जाधव लेलैंड 1986 स्थापित कंपनी है शुरुआती दिनों में कॉटन जिनिंग इंस्टॉलेशन कि काम करती थी।

बाद में एग्रीकल्चर इक्विपमेंट्स बनाना शुरू किया । फैक्ट्री महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित है।

rotavator के बारे में विकिपीडिया पार अधिक जानकारी पढे.

 

इटालियन टेक्नोलॉजी से बनाए गए इस भारत का रोटावेटर ( Bharat ka rotavator ) की कुछ विशेषताएं।

Bharat ka rotavator भारत का रोटावेटर rotovator

भारत का रोटावेटर invented rotavator rotovator

१) कम वाइब्रेशन रोटावेटर –

rotavator और ट्रैक्टर जोड़ने वाले शाफ्ट में विशेष तकनीक का उपयोग किया।

इस तकनीक के कारण ट्रैक्टर और रोटावेटर दोनों को कम वाइब्रेशन होता है।

२) अधिकतम वजन-

आप वीडियो में देखें रोटावेटर पर रखा हुआ पानी का गिलास कम वाइब्रेशन के कारण नहीं गिर रहा।

6 फीट वाले 1 मॉडल का वजन 645 किलोग्राम है।

अधिक वजन होने के कारण ब्लेड आसानी से जमीन में घुसकर मिट्टी की अच्छी तरह से पिसाई और जुताई करते हैं।

३) जंग रोधक –

पेंटिंग मैं दो चरण वाली पेंटिंग तकनीक का उपयोग किया है। कोटिंग रोटावेटर को जंग रोधी बनाती हैं।

जंग रोधी तंत्रज्ञान (जंग रोधी तकनीक Anti-corrosion technology ) से रोटावेटर की आयु बढ़ने में मदद मिलती है।

४) ब्लेड की गुणवत्ता –

जाधव फाल्क रोटावेटर में उपयोग की जाने वाली ब्लेड इटालियन तकनीक से बनाए गए हैं।

उच्च तंत्रज्ञान से बनाई गई इस ब्लेड को रखरखाव में कम लागत होती है।

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