स्मार्ट महाराष्ट्र योजना

केंद्र और राज्य सरकार 2020 में विश्व बैंक के साथ मिलकर स्मार्ट महाराष्ट्र ( State of Maharashtra agribusiness and rural transformation) रुपए 2220 करोड़ की योजना शुरू कर रही है।

योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादों के लिए सही बाजार पाने के लिए रिलायंस, टाटा और वालमार्ट जैसी कंपनियों ने किसानों के स्टार्टअप के साथ एक समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं।

स्मार्ट महाराष्ट्र इस योजना के लिए निवेश हिस्सा नीचे की तरह होगा।
2220 करोड़ (300 मिलियन डॉलर) – ‘स्मार्ट’ परियोजना पर कुल व्यय
1554 करोड़ (210 मिलियन डॉलर) – विश्व बैंक ऋण
592 करोड़ (70 मिलियन डॉलर) – राज्य सरकार का हिस्सा
74 करोड़ (10 मिलियन डॉलर) – महाराष्ट्र ग्राम सामाजिक परिवर्तन फाउंडेशन स्मार्ट महाराष्ट्र  का हिस्सा

49 कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन

किसान समूह किसान उत्पादक कंपनियों ने रिलायंस टाटा वॉलमार्ट विभिन्न स्टार्टअप कंपनियों के साथ हस्ताक्षर किए हैं।

स्मार्ट महाराष्ट्र  इस  योजना का उद्देश्य देश और विदेश में कृषि उत्पादों अच्छा बाजार मूल्य देना है।

इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग को मजबूत किया जाएगा ताकि प्रथा का दिशा में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम किया जा सके।

पारंपरिक खेती प्रणाली को और अधिक बाजार और उन्मुख बनाकर मानव संसाधन विकास, अनुसंधान और तकनीकी सहायता प्रदान करना है।

कृषि क्षेत्र में नवोदय पतियों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादकों,

खरीदारों के बीच भागीदारी स्मार्ट महाराष्ट्र के तहत स्थापित की जाएगी।

कृषि उपज केंद्रों को बाजार में निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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